हम सबने कभी ना कभी अपने जीवन में भांग के बारे में जरूर सुना होगा। भांग का नाम सुनते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में यही ख्याल आता है कि होली या शिवरात्रि जैसे त्योहारों पर नशा करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है लेकिन यह बात अर्धसत्य है। ऐसा नहीं है कि भांग का उपयोग सिर्फ और सिर्फ नशे के लिए किया जाता है भांग के नशे के अलावा बहुत से ऐसे प्रयोग भी हैं शायद जिनसे हम अभी तक अछूते हैं। आज हम भांग के उपयोग के बारे में कुछ ऐसी ही बातों पर चर्चा करेंगे। आज के हमारे इस विषय में हम सबसे पहले भांग के इतिहास के बारे में कुछ जानकारियां लेते हैं।
भांग का इतिहास:-
ऐसा माना जाता है कि भांग की उत्पत्ति मध्य एशिया में तकरीबन 10000 साल पहले हुई थी। ऐसा भी माना जाता है कि इसकी खेती भारत, म्यांमार, चीनऔर तिब्बत जैसे देशों में की जाती थी। भारत में बिहार, तमिलनाडु, राजस्थान और उप-हिमालयी क्षेत्र उन राज्यों में से हैं जहाँ भांग की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। भांग का अपना एक विस्तृत इतिहास है और हजारों सालों से लोग भांग के पौधे का उपयोग कर रहे हैं।
एशिया के अलावा यूरोप जैसे देशों में भी भांग की अलग-अलग किस्में उगाई जाती हैं और सदियों से इसका उपयोग अलग-अलग प्रकार से किया जाता है।
भांग के उपयोग:-
प्राचीन समय से ही भांग का उपयोग बहुत सी जरूरी चीजों के निर्माण में किया जाता था जैसे कि रस्सी, सूत, कपड़ा आदि बनाने में।
भांग के पौधे से निकलने वाले रेशे से रस्सी, सुतली, कपड़े जैसी चीज बनाई जाती थीं।
इसके अलावा आज के आधुनिक युग में भांग के पौधे से बहुत सारे डिजाइनर कपड़े, जूते और खेलों आदि का समान बनाया जाता है।
भांग के बीजों से निकलने वाले तेल से बहुत सारी कॉस्मेटिक और दवाइयां भी बनाई जाती हैं।

भांग का मानव शरीर में उपयोग:-
सिर दर्द में भांग का उपयोग-
ऐसा माना जाता है कि जो लोग लंबे समय से सिर दर्द से पीड़ित रहते हैं उनके सिर दर्द के इलाज में भांग का उपयोग दूध के साथ मिलकर किया जाता है ऐसे लोगों में नींद ना आने की समस्या का समाधान भी भांग को एक थोड़ी मात्रा में दूध में मिलाकर पीने से ठीक किया जा सकता है।
गठिया में भांग का उपयोग:-
भांग के बीजों में जोड़ों के दर्द को दूर करने की क्षमता होती है। ऐसा माना जाता है कि भांग के बीजों का तेल निकाल करके उससे मालिश करने से गठिया और जोड़ों के दर्द में बहुत राहत मिलती है।
सर्दी और बुखार में भांग का उपयोग
भांग का उपयोग सर्दी बुखार जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए भी किया जाता है। हजारों सालों से ऐसी मान्यता है कि यदि भांग के पत्तों को गुड़ के साथ मिलकर यदि उसकी छोटी-छोटी गोलियां बना ली जाए और सुबह शाम एक या दो गोली लेने से बुखार सर्दी में काफी आराम मिलता है
दमा के उपचार में भांग का उपयोग:-
प्राचीन काल से ही दमे के मरीजों के इलाज के लिए भांग का उपयोग किया जाता है। इस बीमारी को ठीक करने के लिए भांग की पत्तियों में थोड़ी मात्रा में काली मिर्च और मिश्री मिलाकर सेवन करने से दमे की बीमारी में काफी आराम मिलता है। ऐसा भी माना जाता है कि अगर इसकी पत्तों को जलाकर इसका धुँआ लिया जाए तो उससे भी दमे में बड़ी राहत मिलती है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि यदि इसके पत्तों को सिर्फ मिश्री के साथ मिलाकर लेने से भी दाम में काफी आराम मिलता है।

मस्तिष्क के लिए भांग का उपयोग:-
कुछ आधुनिक रिसर्च में यह पाया गया है कि भांग का उपयोग ब्रेन स्ट्रोक जैसी बीमारियों से बचने के लिए भी किया जा सकता है। एक रिसर्च में पाया गया है की भांग का उपयोग करने से मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में आई सिकुड़न की वजह से ब्रेन स्ट्रोक से बचा जा सकता है। लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि अभी नहीं की जा सकती। भांग का प्रयोग तनाव मिटाने और मस्तिष्क की क्षमता को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। भांग का निश्चित मात्रा में उपयोग करने से अनिद्रा और चिंता जैसी बहुत सी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है
कैंसर के उपचार में भांग का उपयोग:-
कैंसर जैसी जानलेवा खतरनाक बीमारी के इलाज में भी भांग का उपयोग करने के लिए बहुत सारी रिसर्च चल रही है।ऐसा माना जाता है कि भांग में कुछ प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले केमिकल्स हैं जो कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। यदि इसमें विज्ञान को सफलता मिलती है तो कैंसर के रोगियों के लिए भांग किसी रामबाण से काम नहीं माना जाएगा।
पाचन तंत्र में भांग का उपयोग:-
भांग का उपयोग पाचन संबंधी बीमारी को ठीक करने में तथा वजन बढ़ाने जैसे प्रयोग में किया जाता है इसके अलावा पेचिश जैसी बीमारी में भी भांग का उपयोग किया जाता है।
जहां भांग के बहुत सारे फायदे बताए गए हैं वही हमें इस बात से इनकार नहीं करना चाहिए कि भांग के बहुत सारे नुकसान भी हो सकते हैं। किसी भी तरह की बीमारी से निपटने के लिए भांग का प्रयोग केवल और केवल किसी जानकार व्यक्ति के सानिध्य में ही करना चाहिए। बेहतर यह होगा किसी आयुर्वेदाचार्य की मदद से ही भांग के उपयोग के बारे में जानकारी जुटाई जाएं। भांग का जहां अपना एक निश्चित मात्रा में लेने से फायदा है वहीं यदि इसकी लत लग जाए यह इसका अत्यधिक सेवन कर लिया जाये तो शरीर के लिए बेहद हानिकारक माना गया है। ऐसा भी माना गया है कि यदि भांग का उपयोग ज्यादा मात्रा में कर लिया जाए तो बहुत सी ऐसी विकार उत्पन्न हो जाते हैं जिनका इलाज बहुत मुश्किल है तो भांग का सेवन करने से पहले इसके फायदे और नुकसान के बारे में ठीक से जानकारी जुटा लेनी चाहिए।